ऋषित्व का शास्त्रीय एवं वैज्ञानिक स्वरूप: एक प्रामाणिक विवेचन
”ऋषि, मुनि, साधु और संन्यासी शब्दों में क्या अंतर है? ‘मंत्रद्रष्टा’ का वास्तविक शास्त्रीय और वैज्ञानिक अर्थ क्या है? जानिए वेदों, निरुक्त, वायु पुराण और सुश्रुत संहिता के आलोक में ऋषित्व के वास्तविक पदानुक्रम—राजर्षि से लेकर ब्रह्मर्षि तक की यात्रा। यह शोधपरक आलेख स्पष्ट करता है कि ऋषित्व कोई सामाजिक उपाधि या मठों का वैभव नहीं, बल्कि चेतना की वह पराकाष्ठा है जहाँ विज्ञान और अध्यात्म का मिलन होता है। क्या कलियुग में ऋषि बनना संभव है? प्रामाणिक उत्तर के लिए इस आलेख को पूरा पढ़ें।”
